प्लाज़्मा आर्क वेल्डिंग और कटिंग प्रक्रिया का आविष्कार रॉबर्ट एम. गेज ने 1953 में किया था और 1957 में इसका पेटेंट कराया था। यह प्रक्रिया इस मायने में अनूठी थी कि इससे पतली और मोटी दोनों तरह की धातुओं पर सटीक कटिंग और वेल्डिंग की जा सकती थी। यह अन्य धातुओं पर कठोर धातुओं को स्प्रे कोटिंग करने में भी सक्षम थी। इसका एक उदाहरण चंद्रमा पर जाने वाले शनि रॉकेट के टरबाइन ब्लेड की स्प्रे कोटिंग थी।






